डॉ इरफान अंसारी मानहानि मामला

जामताड़ा: झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। समाजवादी पार्टी के बैनर तले चुनाव लड़ चुके और नेशनल ह्यूमन राइट्स एंड जस्टिस मूवमेंट के राष्ट्रीय सचिव हाफिज एहतेशामुल मिर्जा ने मंत्री के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने जामताड़ा थाना में एक लिखित आवेदन देकर मंत्री पर सामाजिक प्रतिष्ठा धूमिल करने का गंभीर आरोप लगाया है।
मदरसा कार्यक्रम से शुरू हुआ विवाद
हाफिज एहतेशामुल मिर्जा के अनुसार, यह पूरा मामला 27 जनवरी की एक घटना से जुड़ा है। जामताड़ा के धांधरा मोहल्ले में छात्रों के लिए कुरान पाठ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। इस शैक्षणिक कार्यक्रम में मिर्जा बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए थे। मिर्जा का आरोप है कि उसी सभा में डॉ इरफान अंसारी ने अपने भाषण के दौरान उनका नाम लेकर कई तरह के अवांछित और अपमानजनक आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि एक जिम्मेदार पद पर होने के बावजूद मंत्री द्वारा इस तरह की भाषा का प्रयोग करना दुर्भाग्यपूर्ण है।
सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने का आरोप
थाने में दिए गए आवेदन में हाफिज मिर्जा ने उल्लेख किया है कि वे एक ‘हाफिज’ हैं और समाज के विकास के लिए निरंतर प्रयासरत रहते हैं। इसके बावजूद डॉ इरफान अंसारी द्वारा सार्वजनिक मंचों से उनके खिलाफ ‘ऊलजुलूल’ बयानबाजी की जा रही है।
“मंत्री के अभद्र बयानों से मैं बहुत आहत हुआ हूँ और इसीलिए मैंने कानून का सहारा लिया है।” — हाफिज एहतेशामुल मिर्जा
मिर्जा ने आवेदन में अपनी सुरक्षा (जान-माल) को लेकर भी चिंता जाहिर की है। उनका कहना है कि बार-बार उनके खिलाफ किए जा रहे इस कार्य से उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा खराब हो रही है।
पुलिस की कार्रवाई और स्थानीय प्रभाव
जामताड़ा थाना पुलिस को शिकायत पत्र मिल चुका है और मामले की छानबीन की जा रही है। इस घटना के बाद क्षेत्र में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। राज्य की अन्य खबरों के लिए आप हमारे झारखंड न्यूज़ खंड को पढ़ सकते हैं।
