योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री मोदी के वाराणसी स्थित संसदीय कार्यालय में लगाया ‘जनता दरबार’, सियासी अटकलें तेज उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी स्थित उनके जनसम्पर्क कार्यालय में पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने वहां ‘जनता दरबार’ लगाया और नागरिकों से उनकी शिकायतों के दस्तावेज प्राप्त किए, जिन्हें हल करने का उन्होंने आश्वासन दिया।यह पहली बार है जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी में इस तरह का जनता दरबार आयोजित किया है,
वह भी प्रधानमंत्री के संसदीय कार्यालय में। इस कार्यालय को ‘मिनी पीएमओ’ के तौर पर भी जाना जाता है, क्योंकि यहां दर्ज कराई गई शिकायतें सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंचाई जाती हैं।योगी आदित्यनाथ का यह दौरा ऐसे समय में हुआ जब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत भी चार दिवसीय काशी दौरे पर हैं। इस संयोग ने राजनीतिक गलियारों में कई तरह की अटकलों को जन्म दे दिया है।कार्यालय में पहुंचने पर योगी आदित्यनाथ का स्थानीय लोगों ने हाथ जोड़कर स्वागत किया। लोगों ने उन्हें अपनी समस्याओं से संबंधित ज्ञापन सौंपे। मुख्यमंत्री ने सोफे पर बैठकर लोगों की एक-एक बात ध्यान से सुनी। इस दौरान कार्यालय की पृष्ठभूमि में कमल का निशान स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा था।लगभग 15 मिनट तक चले इस जनसुनवाई में योगी आदित्यनाथ ने करीब 10 लोगों की शिकायतों को सुना और उनके प्रार्थना पत्र अपने साथ ले गए। इस अवसर पर उन्होंने काशीवासियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने एक ऐसे प्रतिनिधि को चुना है जो न केवल उनके पूर्वजों के संकल्पों को पूरा कर रहे हैं, बल्कि राष्ट्र मंदिर को भी भव्य स्वरूप दे रहे हैं।
हालांकि योगी आदित्यनाथ पिछले आठ सालों में कई बार काशी आ चुके हैं, लेकिन यह पहली बार है जब उन्होंने प्रधानमंत्री के जनसम्पर्क कार्यालय में कदम रखा है।योगी आदित्यनाथ के इस दौरे को लेकर राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं। खासकर ऐसे समय में जब एक बड़ा वर्ग नरेंद्र मोदी के बाद उन्हें प्रधानमंत्री के रूप में देखना चाहता है। हालांकि, एक इंटरव्यू में इस सवाल के जवाब में योगी आदित्यनाथ ने खुद को उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बताया और कहा कि राजनीति उनके लिए पूर्णकालिक नौकरी नहीं है, और वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश की जनता के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह वास्तव में एक योगी हैं।गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी वाराणसी से लगातार तीसरी बार सांसद चुने गए हैं। अतीत में भी कई केंद्रीय मंत्री और उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री इस जनसम्पर्क कार्यालय में आकर लोगों की समस्याएं सुनते रहे हैं। विश्लेषकों का मानना है कि इस घटनाक्रम को तत्काल 2029 के लोकसभा चुनाव से जोड़कर देखना जल्दबाजी होगी, क्योंकि योगी आदित्यनाथ के सामने फिलहाल 2027 का उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव है, जिसमें उनकी भूमिका को लेकर गृह मंत्री अमित शाह पहले ही संकेत दे चुके हैं।#cmyogi #pmmodi #Breaking News |Modi #breakingnews #yogiadityanath #cmyogi #CMYogiInModiOffice #youtube #mohanbhagwat #varanasi #bjp #brakingnews #trendingnews #uttarpradesh