25 April 2026

जामताड़ा में साइबर अपराध की बढ़ती चुनौतियों को देखते हुए जिला पुलिस प्रशासन अब पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गया है। साइबर ठगों के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए निगरानी और कार्रवाई, दोनों को तेज कर दिया गया है।
जामताड़ा के पुलिस अधीक्षक (SP) राजकुमार मेहता ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्पष्ट किया है कि साइबर ठगी पर लगाम लगाने के लिए अब बैंकिंग संस्थानों को पुलिस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलना होगा। उन्होंने चेतावनी दी है कि सूचना साझा करने में देरी अपराधियों को भागने का मौका देती है।
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एसपी राजकुमार मेहता ने बैंक अधिकारियों, ग्राहक सेवा केंद्र (CSP) संचालकों और एटीएम प्रभारियों के साथ बैठक कर सुरक्षा मानकों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जामताड़ा में साइबर अपराध को जड़ से मिटाने के लिए निम्नलिखित कदम अनिवार्य हैं:
पुलिस अधीक्षक ने कड़े लहजे में कहा कि यदि कोई संस्थान सुरक्षा मानकों की अनदेखी करता है या संदिग्ध जानकारी छिपाता है, तो इसे गंभीर लापरवाही माना जाएगा। जामताड़ा में साइबर अपराध को रोकने के लिए सामूहिक सतर्कता ही एकमात्र रास्ता है।
“असामान्य लेन-देन की सूचना समय पर मिलना आवश्यक है ताकि अपराधियों पर शिकंजा कसा जा सके। लापरवाही बरतने वाले संस्थानों के विरुद्ध कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।” – राजकुमार मेहता, एसपी
बैठक के दौरान बैंकिंग अधिकारियों के साथ साइबर ठगों द्वारा अपनाए जा रहे नए तरीकों और उनसे निपटने की रणनीति पर विस्तृत चर्चा हुई। पुलिस का मानना है कि बैंकिंग तंत्र और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय से ही जिले को साइबर अपराध की छाया से बाहर निकाला जा सकता है।
आने वाले समय में जामताड़ा पुलिस सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से भी लोगों को जागरूक करने का अभियान तेज करेगी। यदि आप भी साइबर सुरक्षा से जुड़ी जानकारी चाहते हैं, तो हमारे News Portal से जुड़े रहें।