25 April 2026
जामताड़ा: जामताड़ा नगर निकाय चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी लगातार तेज होती जा रही है। नामांकन की प्रक्रिया के साथ ही नगर की राजनीति अब पूरी तरह गरमा चुकी है। वास्तव में, नगर अध्यक्ष पद के लिए मैदान अब सज चुका है। इसके अलावा, अब यह चुनाव केवल दलीय राजनीति तक सीमित नहीं रहा है। अब यह मुकाबला स्थानीय नेतृत्व, राजनीतिक विरासत और जनविश्वास की एक बड़ी परीक्षा बनता जा रहा है।
इस चुनाव में रीना देवी एक अत्यंत मजबूत दावेदार के रूप में उभरकर सामने आई हैं। उल्लेखनीय है कि वह जामताड़ा के जाने-माने पूर्व नगर अध्यक्ष वीरेंद्र मंडल की बहन हैं। उनके पास लंबे समय से सार्वजनिक जीवन से जुड़ाव और पारिवारिक राजनीतिक अनुभव की बड़ी ताकत है। इसी कारण, कार्यकर्ताओं का भरपूर सहयोग उन्हें चुनावी दौड़ में एक अलग पहचान दिला रहा है। फिलहाल, नगर के कई वार्डों में उनकी सक्रियता और निरंतर जनसंपर्क अभियान चर्चा का मुख्य विषय बना हुआ है। https://youtu.be/8oIxrTP2Jro
दूसरी ओर, चमेली देवी भी पूरे आत्मविश्वास के साथ चुनावी मैदान में उतरी हैं। वह जामताड़ा के पूर्व विधायक स्वर्गीय विष्णु भैया की धर्मपत्नी हैं। लिहाजा, स्वर्गीय विष्णु भैया की राजनीतिक विरासत और जनता के साथ उनका गहरा भावनात्मक जुड़ाव उनकी सबसे बड़ी पूंजी है। वर्षों से बनी अपनी विशिष्ट पहचान को देखते हुए, चमेली देवी को भी चुनाव में एक प्रभावशाली चेहरा माना जा रहा है।
हालांकि, यह मुकाबला केवल इन्हीं दो नामों तक सीमित नहीं है। दरअसल, चुनावी मैदान में कुछ अन्य चेहरे भी अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहे हैं। ये उम्मीदवार अपने-अपने क्षेत्रों और सामाजिक वर्गों में काफी मजबूत पकड़ रखते हैं। निश्चित रूप से, इनकी उपस्थिति इस सीधी टक्कर को त्रिकोणीय अथवा बहुकोणीय बना सकती है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यही उम्मीदवार अंतिम समय में चुनावी गणित को पूरी तरह बदल सकते हैं।
नगर क्षेत्र की बुनियादी समस्याएं इस चुनाव के प्रमुख मुद्दे बने हुए हैं। इनमें जलापूर्ति, सफाई व्यवस्था, सड़क-नाली और स्ट्रीट लाइट जैसे विषय शामिल हैं। इसके साथ ही, रोजगार और भ्रष्टाचार भी इस चुनाव के केंद्र में हैं। परिणामस्वरूप, सभी दावेदार इन्हीं ज्वलंत सवालों को लेकर जनता के बीच पहुंच रहे हैं। वे नगर निकाय में प्रभावी बदलाव का पूरा भरोसा दिला रहे हैं।
विशेषज्ञों की मानें तो यह चुनाव केवल अध्यक्ष पद की लड़ाई मात्र नहीं है। बल्कि, यह जामताड़ा नगर निकाय की आने वाली दिशा और दशा तय करने वाला अहम मुकाबला है। जैसे-जैसे मतदान की तारीख नजदीक आएगी, चुनावी गतिविधियां और रणनीतिक हलचल और भी तेज होने की संभावना है।
अंततः, सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या राजनीतिक विरासत के सहारे कोई बाज़ी मारेगा? या फिर कोई तीसरा चेहरा पूरे चुनावी समीकरण को पलट देगा? निश्चित रूप से, इसका अंतिम फैसला जामताड़ा की जनता ही करेगी।
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